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Friday, March 9, 2018

दोस्त की बहन की चुत चोद कर मज़ा आ गया



दोस्तो, मेरा नाम राज है. मेरी हिंदी एडल्ट स्टोरी मेरे और मेरे दोस्त की बहन के बीच में घटी बुर की चुदाई एक सच्ची घटना है.

मैं इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर में था पर कभी भी किसी लड़की से खुल कर बातें नहीं कर पाता था. मेरे दोस्त की बहन का नाम प्रिया है. जो कि मेरे ही कॉलोनी में रहती है. उसकी उम्र 19 साल की है और वो देखने में काफ़ी अच्छी और खूबसूरत है. उसके 2 भाई और मम्मी पापा हैं.

मैं बहुत शरमाता हूँ इसलिए कभी भी उससे बात नहीं कर पाया. उसका फ़िगर बहुत ही मस्त है. मैं जब भी कॉलेज जाता था तो वो पीछे के दरवाजे से मुझे स्माइल देती थी और मैं उसे देख कर चला जाता. मुझे पता ही नहीं था कि वो मुझे लाइक करती है.

ये सिलसिला 3 महीने तक चलता रहा. पर एक दिन वो मुझे नहीं दिखाई दी, मैं बहुत उदास हो कर कॉलेज चला गया. उस दिन शाम को जब मैं कॉलेज से आया तो उसके भाई ने मुझे कॉल किया और मिलने को बोला.
मैं फ्रेश होकर मिलने गया.
उसने बोला- भाई, मेरी बहन के 12 वीं के एग्जाम हैं और उसे मैथ्स में कुछ खास समझ नहीं आ रहा है तो कोई टीचर बता दो.

मैंने अपने सर का नंबर दिया और वो थैंक्स बोल कर चला गया. सुबह जब मैं कॉलेज में था तो उसके भाई ने मुझे कॉल किया और बोला कि सर बोल रहे है की कोई बैच खाली नहीं है, तो ऐसा कर तू ही कुछ हेल्प कर दे!
मैं पहले से ही मैथ्स और फिज़िक्स में अच्छा हूँ तो मैंने ओके बोल दिया.

मैं प्रिया को बस शनिवार और रविवार को पढ़ाने लगा, इन दो दिनों में कुछ और बच्चे भी आते थे. कुछ हफ्ते निकल गए और मुझे उसके अन्दर इंप्रूव्मेंट दिखी.

एक दिन रविवार को मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, पापा भी डयूटी पर गए थे और मैं अकेला था.. क्योंकि मेरे भाई, भाभी और माँ गाँव में रहते हैं.
जब स्टूडेंट्स आए तो मैंने उन्हें छुट्टी दे दी और वो चले गए. मेरा सर, दर्द से फटे जा रहा था तो मैंने सोचा कॉफी बना लेता हूँ.. पर उठने की हिम्मत ही नहीं हो रही थी. कुछ देर बाद डोरबेल बजी तो मैंने देखा कि ये प्रिया थी.
मैंने उससे बोला कि मेरे सर में दर्द है इसलिए आज नहीं पढ़ाऊंगा.. मैं कॉफ़ी बनाने तक नहीं उठ पा रहा हूँ.

वो कुछ कहे बिना ही मेरे घर के अन्दर आ गई. पहले मैंने सोचा कि पता नहीं ये क्या कर रही है.
उसने पहले कॉफी बनाई और अपने घर से एक दवा लेकर आई. मैंने चेयर पर बैठकर दवा ली और कॉफी पीने लगा. वो मेरे पीछे होकर मेरे सर को दबाने लगी. मैंने मना किया पर वो नहीं मानी.

मैंने अपने सिर पे उसके हाथ के अलावा उसके मम्मों को भी महसूस किया.
मैंने जब उसे देखा तो वो मुस्करा कर शरमाने लगी और बोली- सीधे रहिए ना.
साला लड़कों की फ़ितरत देखो, मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा हो रहा था, पर मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया.

करीब 30 मिनट बाद उसने बोला- मैं जा रही हूँ.
मैंने बोला- ओके.
वो बोली- दरवाजा बंद कर लीजिए.

मैं जैसे ही उठा उसने मुझे लिप पे किस की और ‘आई लव यू..’ बोल कर चली गई.
मैं हैरान था, मुझे पहली बार किसी ने किस किया और आई लव यू बोला.

कुछ हफ्तों में हमने सिलेबस कंप्लीट किया, पर उस दिन लिप किस वाली घटना का जिक्र दोबारा कभी नहीं हुआ. कुछ दिनों बाद उसके एग्जाम आ गए और मैंने उसे बेस्ट ऑफ लक कहा. एग्जाम खत्म हुए, पर हम फिर नहीं मिले.

कुछ महीने बाद रिजल्ट आया. मैंने उसका रिजल्ट चेक किया और मैं काफ़ी खुश था कि वो 72% से पास हुई और मैथ्स में 80% मार्क्स लाई थी. शाम को बाहर निकला तो देखा कि वो सबको मिठाइयां खिला रही है. पर उसने मुझे एक बार देख कर इग्नोर कर दिया, ये मुझे बहुत बुरा लगा. फिर उसके भाई ने मुझे देखा और आकर थैंक्स बोला.

अगले दिन शाम को पापा काम पर गए थे, आज उनकी सेकंड शिफ्ट थी. मैं घर पर अकेला था. लगभग 8:30 पर मेरी डोरबेल बजी, मैंने देखा कि प्रिया थी. मैंने उसे अन्दर बुलाया और बधाई देते हुए बोला- कैसे आना हुआ?
वो बोली कि आपको मिठाई खिलानी थी.
मैंने ओके कहा, पर उसके हाथ में कोई मिठाई नहीं थी. मैंने पूछा- कहां है?
वो बोली- है ना.. आप अपनी आँख बंद करो.
मैंने आँख बंद की. उसने मुझे किस किया तो मैं अपनी आँखें खोलीं.
उसने पूछा- मीठी नहीं है क्या?
मैंने बोला- एक बार और टेस्ट कराओ.

वो हंस कर मेरे गले से लग गई. फिर हम लगातार एक दूसरे को किस करने लगे और मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरा एक हाथ उसके मम्मों को और एक उसके गांड को दबा रहे थे.

हम दोनों पसीने पसीने हो गए और मुहब्बत में सिहर भी रहे थे. फिर मैंने उसे गोद में उठाया और बेड पर लिटाकर पहले उसके माथे पे किस किया, फिर होंठों पर.. और धीरे धीरे मैं नीचे आने लगा. मैंने उसकी कुरती खोली, उसने ब्रा नहीं पहनी थी.. इसलिए उसके चूचे मेरे सामने नंगे हो गए थे. उसकी चूचियां काफ़ी बड़ी और सुडौल थी.

मैं उसकी चूचियों को और निप्पलों को चूसने लगा; वो अपनी आँखें बंद करके मादक सिसकारियां ले रही थी और मेरे बाल सहला रही थी.
मैं और नीचे गया और उसकी नाभि को चाटने लगा.

हम दोनों काँप रहे थे क्योंकि हम दोनों का पहला सेक्स था.
फिर मैंने उसकी सलवार खोली, वो पिंक पैंटी में थी. मैं उसे देखता ही रह गया, मेरा लंड पूरे उफान पर आ गया था.
वो बोली- क्या सोच रहे हैं?

मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी. उसकी बुर पर एक भी बाल नहीं था और चूत गीली हो चुकी थी. मैंने अपनी जीभ को जैसे ही उसकी बुर पर लगाया, वो सिहर उठी और मेरे सर को पकड़ कर बुर की ओर करने लगी.

मैं दस मिनट तक चूत चूसता रहा. फिर वो झड़ गई और मुझे बिस्तर धक्का देकर मेरी टी-शर्ट और पेंट उतार दी. मैं अंडरवियर में था और वो मेरे ऊपर आकर किस करते करते नीचे आ गई.

जैसे ही उसने मेरा खड़ा लंड देखा, वो शरमाते हुए बोली- आपका इतना लंबा कैसे है?
मेरे लंड की लम्बाई लगभग 7 इंच है, मैं बोला- तुम्हारे प्यार से हो गया है.
फिर वो मेरे लंड को चूसने लगी. मुझे बहुत मजा आ रहा था क्योंकि यह मेरा पहला अनुभव था.
मैं उसके मुँह में ही झड़ गया और उसने पूरा दही पी लिया.

अब बारी थी कुछ और करने की तो हम 69 हुए और एक दूसरे को फिर से एग्ज़ाइट करने लगे.
कुछ देर बाद वो बोली- अब रहा नहीं जाता.

मैं उठा और उसके पैरों के बीच आकर उसकी टांगे फैला दीं. फिर मैंने अपना लंड उसकी बुर की फांकों पर लगाकर रगड़ने लगा. अभी लंड पेला भी नहीं था कि वो मादक सिसकारियां लेते लेते फिर से झड़ गई. उसकी बुर बहुत गीली हो गई थी.
मैंने उसकी बुर की सुराख पर अपना लंड टिका कर धक्का लगा दिया, वो चिल्ला दी- मैं अभी कुँवारी हूँ.. दर्द हो रहा है.

मैंने वैसलीन लाकर उसकी बुर में अन्दर तक लगाई और उसने मेरे लंड पर मली. फिर हमने दूसरी बार कोशिश कि इस बार लंड का अगला हिस्सा उसकी बुर में घुस गया. वो दर्द से तड़प रही थी.
मुझे देखा नहीं गया और मैंने बोला- रहने देते हैं.
पर वो बोली- आपके प्यार के लिए मेरा यह दर्द बहुत छोटा सा है.

यह सुन कर मेरा प्यार उसके लिए और बढ़ गया. मैं उसके होंठों और मम्मों को किस करने लगा ताकि उसका दर्द कुछ कम हो जाए.
कुछ देर बाद वो बोली कि वो रेडी है और मुझे किस करने लगी ताकि उसकी आवाज ना निकल पाए.

मैंने एक ज़ोर का झटका दिया और मेरा लंड पूरी तरह उसकी बुर में घुस गया. वो चीखी पर उसकी चीख दबी रह गई. उसी पोज़िशन में कुछ देर रुकने के बाद मैं धीरे धीरे धक्के लगाने लगा.
अब उसे भी मजा आने लगा, वो भी मुझे नीचे से रेस्पॉन्स देने लगी.
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. वो कभी ‘आई लव यू जानू…’ तो कभी मादक सिसकारियां ले रही थी, तो कभी किस कर देती थी.

कुछ देर बाद मुझे महसूस हुआ कि उसकी बुर में कुछ हलचल सी हो रही थी और जैसे गर्म लावा निकाल रही हो, मतलब वो झड़ रही थी.

हम दोनों ने करीब 15 मिनट तक बुर चुदाई की, जिसमें वो दो बार झड़ गई. उसकी बुर में गजब की गर्मी महसूस हो रही थी, जो मुझे और एग्ज़ाइट कर रही थी. मैं भी झड़ने वाला था.
मैंने पूछा तो वो बोली कि मैं आपको महसूस करना चाहती हूँ.

मैं उसकी बुर के अन्दर ही झड़ गया. मैंने उसे देखा तो उसकी आँखों में आंसू थे, पर होंठों पर एक मुस्कान थी.
मैं जब उसके ऊपर से हटा तो देखा कि उसकी बुर से खून के साथ साथ कामरस भी निकल रहा था.

हम दोनों बहुत थक गए थे. फिर हम दोनों ने एक दूसरे के गुप्त अंगों को साफ किया और कपड़े पहन लिए.

वो बहुत खुश थी और मुझे हल्के से किस करके उसने कॉफी बनाई. हम दोनों टीवी देखते देखते कॉफी पीने लगे.
तभी मुझे याद आया कि अभी तो रात हो गई है. मैं डर गया और पूछा कि तुम अपने घर क्या कह कर आई हो?
वो बोली कि आज उसके घर में कोई नहीं है, सब गाँव गए हैं और मैं कुछ बहाना बना कर रुक गई थी.

इस वक्त रात के 10 बज चुके थे तो हमने खाना खाया और फिर रात को 2 और बार बुर की चुदाई की. इस बार हमने कई सारे आसन ट्राई किए.

सुबह के 3:30 बजे वो अपने घर चली गई और मैं भी सो गया. अगले दिन उसकी पूरी फैमिली आ गई थी.

एक दिन वो अपने भाई के सामने, जो कि मेरा दोस्त है, मुझसे पूछने लगी- मिठाई कैसी थी?
तो मैंने बोला- बहुत मीठी.

अब हमें जब भी मौका मिलता, हम दोनों खूब बुर की चुदाई करते हैं.
मैंने उसकी गांड भी मारी थी.
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Thursday, January 11, 2018

बड़ी मम्मी की सेक्स की भूख अपने मोटे लौड़े से शांत किया

दोस्तों मेरा नाम रासिद हैं और मैं बिहार का रहने वाला हूँ | ये सेक्स कहानी मेरी और मेरी बड़ी माँ की हैं. आप का समय ख़राब का करते हुए मैं अब सीधा इस चुदाई की कहानी पर ही आता हूँ | मेरी बड़ी माँ एक गदराई हुई जवान औरत हैं उनका फिगर एकदम हॉट हैं | एकदम टाईट गोल चुंचे और मसलवाली बड़ी गांड भी हैं | उनकी. बड़ी माँ को देखते हुए किसी का भी लोडा खड़ा हो जाए ऐसा रंग हैं उसका, देखने वो किसी परी के जैसी लगती हैं | एक दिन मेरे घर पर कोई नहीं था सिर्फ मैं और मेरी बड़ी माँ थे | वो दोपहर में सो गई थी तभी मैं क्रिकेट खेल के घर आया तो देखा की उनकी साड़ी ऊपर उठी हुई थी और उनका बुर पूरा पसीने से भीगा हुआ था |

उस समय मुझे पता नहीं चला की बड़ी माँ नींद में ही झड़ चुकी है मैं उन्हें नींद में समझ के उनके जांघ की तरफ जा के सूंघने लगा. क्या मस्त खुसबू आ रही थी उनके बुर से. मैंने उसकी साडी को थोडा ऊपर किया तभी उनकी आँख खुल गई तब भी उन्होंने मुझे कुछ नहीं कहा. और वो उठ के मेरी तरफ देख रही थी तो मैंने बहाना बना के कहा की बड़ी माँ खाना दो न बहुत भूख लग रही हैं. पर मैंने देखा की वो मुझे एकदम नशीली आँखों से देख रही थी |

मैंने कहा, क्या हुआ बड़ी माँ ऐसे क्यूँ देख रही हो. तो उसने कहा की मेरा एक काम करेगा तू?
मैं: क्यों नहीं बड़ी माँ!

बड़ी माँ: किसी से कहेगा तो नहीं ना?

मैं: नहीं बड़ी माँ क्या बात हैं.

बड़ी माँ: वही जो तू अभी मेरे साथ कर रहा था उसे अच्छे से और खुल कर लो

मैं पूरा शर्म के मारे लाल हो गया.

बड़ी माँ: मेरी नजर तेरे ऊपर बड़े पहले से ही थी. तू जब भी नहाता तो मैं तेरा लोडा बड़े ही प्यार से देखती हूँ.

मैं बड़ी माँ के पास गया तो उन्होंने मुझे कमर से पकड़ लिया. मुझे भी अन्दर से बहुत मस्त लग रहा था क्यूंकि मेरी भी सालो की तमन्ना आज पूरी होने को थी. कितने दिनों से मैं बड़ी माँ की गांड और बूब्स को देखना और टच करना चाहता था. और तभी बड़ी माँ ने मेरा माथा पकड के अपने बुर की तरफ कर दिया.मुझे बड़ी माँ के बुर से गीली खुसबू का अहसास हो रहा था.

मैंने उनके बुर पर हाथ रखा तो जैसे मेरे लोडे में पूरा करंट लगा. अब वो उठी और मेरी पेंट को निचे कर के बोली, जो तू रोज मेरे नाम की मुठ मारता हैं तो आज जो करना चाहता हैं कर ले. मैंने भी देरी न करते हुए पसीने से लथपथ उनके कंधे को और कानो को चाटना चालू कर दिया. बड़ी माँ भी एकदम मदहोशी में डूबी हुई थी |

अब मैं निचे गया और उनके बुर को चाटना चालू कर दिया. वो पूरी मदहोशी से मोनिंग कर रही थी.. आह्ह्ह चाट आह्ह्ह मेरे राजा चाट चाट के साफ़ कर के अपनी बड़ी माँ के भोसड़े को! आह आह तू ही है जो मेरी चुदाई का दर्द दूर करेगा मेरे राजा,, आह्ह्हह्ह ओह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह.बड़ी माँ ने अपनी जांघो के बिच में मेरी मुंडी को कस के दबा ली और मैं समझ गया की मेरे चाटने की वजह से वो झड़ने की कगार पर आ चुकी थी.तभी मुझे किसी के आने की आवाज सुनाई दी…. वो कोई और नहीं मेरे बड़े पापा थे | आप यह हिंदी सेक्सी कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

मैं जैसे तैसे अपनेआप को रोक के वहाँ से भाग खड़ा हुआ. और बड़ी माँ को बड़ा गुस्सा आ गया | फिर मैं शाम को बड़ी मम्मी के यहाँ गया तो देखा उनकी आँखों में एक अलग ही चमक थी. मैंने कुछ बोला भी नहीं और वो मेरे पास आइ और एक झटके में मुझे किस करने लगी. मैंने भी जवान में खूब जोर से उसे किस करना चालू कर दिया.
फिर मैंने देर न करते अपने दोनों हाथो से उनकी साडी के अन्दर के बूब्स को पकड़ लिया. पहले मैंने बूब्स को थोडा मसला और फिर अपना एक हाथ उनके बुर में डाल दिया. क्या बताऊँ दोस्तों उनके बुर की खुसबू को मैं सूंघना चाहता था और इसलिए मैं खुद को रोक नहीं सका. मैंने अपना हाथ बुर से निकाल के अपने उंगलियों को चाटना और सूंघना चालू कर दिया |

बड़ी माँ ने कहा, चाटना हैं तो पहले से बता देता.यह कह के उन्होंने नंगे हो के सोफे के ऊपर अपनी जांघो को खोल दिया. मैं उनके पास गया और उनके बुर को चाटने लगा. बुर को चाट रहा था और लोडा भी मेरे हाथ में था. मैं लोडा हिलाते हुए अपनी बड़ी माँ का बुर चाट रहा था |

मैंने २० मिनट तक उनका बुर अपनी जबान से चोदा और इस बिच में वो २ बार झड़ भी गई. वो मुझे अपना बुर जोर जोर से चाटने के लिए कहती रहती थी बिच बिच में.अब मैंने और भी जोर जोर से बड़ी माँ का बुर चाटा. वो फिर से एक बार झड़ गई और मैं उसके बुर का सब पानी पी गया. अब मैंने अपना लोडा बड़ी माँ को चूसने के लिए दे दिया | आप यह हिंदी सेक्सी कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | बड़ी मम्मी सच में एक चुदस्सी औरत थी और उसने इतना हॉट ब्लोव्जोब दिया मुझे की मेरे लौड़े में जैसे आग सी लगा दी. वो अपनी जबान से सुपारे को हिलाती थी और लंड को एकदम तडपा के फिर अपने मुह में ले लेती थी. मैं ५ मिनट में ही उसके मुहं में झड़ गया. बड़ी माँ ने सब वीर्य पी लिया |

फिर हम दोंनो ने एक दुसरे को गले लगा लिया. २ मिनट में उसके हाथ से फिर से मेरा लंड हिलना चालू हो गया. सिकुड़े हुए लोडे में फिर से खुसपुसाहट सी हो गई और उसकी सलवटें मिट के लोडा फिर से कडक हो गया. अब मैंने बड़ी माँ की बुर को खोला और अपना लंड उनके बुर पर रख दिया |

बड़ी माँ: आह जल्दी से अन्दर कर दे अपने तोते को मेरी मैना बहुत ही प्यासी हैं |

मैंने एक झटका दिया और मेरा लोडा बड़ी माँ के बुर में घुस गया. मैंने अपने मुह में उनके बूब्स भर लिये और मैं बूब्स को चूसते हुए ही उन्हेंचोदने लगा. बड़ी माँ को बड़ा अच्छा लग रहा था और वो भी अपनी गांड हिला हिला के चुदवा रही थी.१० मिनट चोद के फिर मैंने अपना सब वीर्य बड़ी माँ के बुर में ही छोड़ दिया |

बड़ी माँ ने फिर मेरा लोडा अपने मुह में भर लिया और लंड के सब तरफ से वीर्य को चाट के साफ़ कर लिया.दोस्तों यह थी मेरी और बड़ी माँ की पहली चुदाई की हिंदी सेक्स कहानी. अब हम दोनों सेक्स के रेग्युलर पार्टनर हो चुके हैं और जब भी चांस मिलता हैं मैं उनका बुर चोद आता हूँ |

अगर आपको कहानी पसंद आई तो कमेंट करें शेयर करें और मजे करें ताकि मै अगली कहानी फिर से लिख कर भेजू और आप फिर से मजे करें | और अगर थोड़ा और टाइम हो तो मुझे ईमेल करे अपने विचार ओनली ma225080@gmail.com
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Tuesday, April 4, 2017

कॉलेज में गर्लफ्रेंड के पहली चुदाई अधूरी रह गई



दोस्तो, मेरा नाम अभिषेक रॉय है, मेरी उम्र 19 साल है, मैं दिखने में बहुत स्मार्ट हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 7 इंच है।

बात उन दिनों की है.. जब मैं 12वीं क्लास में था। मैं अपने कॉलेज का हेड ब्वॉय था, सो मेरे कॉलेज के सारे स्टूडेंट्स मुझे जानते थे। मैं अपनी क्लास में सबसे इंटेलिजेंट लड़का था और हमेशा फर्स्ट आता था।
लड़कियों में भी मेरे जैसे होशियार एक लड़की थी उसका नाम छवि था, वो दिखने में बिल्कुल कैटरीना कैफ़ जैसी थी और उसका फिगर जैकलीन जैसा था।

मुझे नहीं मालूम था कि वो मुझे लाइक करती है।

उसने अपनी सहेली प्रिया के ज़रिए मुझे प्रपोजल भेजा, मैं उसके प्रपोजल को पाकर बहुत खुश हुआ क्योंकि मैं भी उसे बहुत पसंद करता था, लेकिन मेरी उससे कभी बोलने की हिम्मत नहीं हुई।

कुछ दिनों तक हम दोनों ने ऐसे ही साधारण बातचीत की.. फिर 3 दिन बाद हम दोनों के मोबाइल नंबर एक्सचेंज हुए। अब हम दोनों कॉलेज समय से पहले पहुँच जाते और क्लास रूम में रोमांस करते।

दोस्तो, मैं आपको कैसे बताऊँ.. जब मैंने उसे पहली बार किस किया, तो मुझे कैसा लगा.. क्योंकि वो मेरी लाइफ का पहला किस था। मैं और वो एक-दूसरे की बांहों में थे.. मैंने जैसे ही उसके नीचे वाले होंठ पर अपना होंठ रखा.. तो उसे तो ना जाने क्या हुआ, वो मुझ पर ऐसे टूट पड़ी, जैसे मेरे होंठों पर कोई मिठाई लगी हो।

फिर हम दोनों ने 5 मिनट तक ऐसे ही किस की। किस करते हुए ही मैंने अपने एक हाथ से उसके चूचे को टच किया, मुझे तो जाने क्या हो रहा था, मेरी साँसें एकदम तेज हो गईं ओर वो भी गर्म साँसें छोड़ने लगी।

फिर मैंने आहिस्ता आहिस्ता उसके मम्मों को दबाया.. आह.. क्या मम्मे थे भाई.. एकदम सख्त संतरे की तरह थे।
दोस्तो, अब मेरा लंड काबू से बाहर था, पर इतने में ही क्लास रूम में और स्टूडेंट्स आने लगे। हम दोनों ने एक दूसरे को जल्दी से अलग किया और इसी तरह एक हफ्ते तक हमने ऐसे ही मजा किया।

लेकिन अब मुझसे संयम नहीं हो रहा था, मैंने अपने एक करीबी दोस्त के साथ प्लान बनाया और उससे दूसरे दिन क्लास के बाहर खड़े रहने के लिए तैयार करते हुए कहा- जब कल हम दोनों क्लास में होंगे.. उस वक्त कोई आए तो तुम बता देना। वो मान गया।

कामसूत्र क्या ? यहाँ क्लिक कर जाने कैसे करें कामसूत्र के असनो का प्रयोग |

दोस्तो, यह रिस्की तो बहुत था.. लेकिन मुझे भी जुनून सवार था।

अब मुझे कल सुबह का इंतजार था। अगली सुबह सब प्लान के हिसाब से ही हुआ, मेरा फ्रेंड बाहर खड़ा हो गया और हम दोनों क्लास रूम में अन्दर चले गए।

मैंने छवि की तरफ प्यार से देखा भर था.. बस फिर क्या था, वो शर्मा गई और मैं उस पर टूट पड़ा। मैंने पहले उसको किस किया.. वो हमेशा मुझे किस करने में फुल मार्क्स देती थी।

कुछ देर तक हम दोनों ने पूरी शिद्दत से चुम्बन किए.. इसके बाद मैंने उसके गले से टाई निकाली और उसकी शर्ट के बटन खोल दिए, पर उतारी नहीं।

वो शर्ट के अन्दर ब्रा नहीं पहने हुई थी, तो मैं उसके मम्मों को मसलने लगा। वो मादकता से सिस्कारने लगी.. धीरे-धीरे मैंने उसकी स्कर्ट में हाथ डाल दिया और उसकी चुत में उंगली करने लगा। उसने भी मेरे होंठों को दांतों से चबाना शुरू कर दिया।

क्योंकि हमारे पास टाइम कम था.. तो मैंने देर ना करते हुए अपनी पेंट एक पैर से उतारी और अपना लम्बा लंड बाहर निकाल कर आज़ाद कर दिया। वो मेरे लंड को देख कर घबरा गई और मना करने लगी, वो बोली- इतने बड़े से मुझे बहुत दर्द होगा..!

लेकिन मैंने उसकी एक ना सुनी, मैंने उसको लिटाते हुए किस किया और अपने लंड को उसकी चुत पर रख पर पेल दिया।
लंड की मोटाई से चुत चिर सी गई और उसकी चीख निकलने को हुई।

मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से दबा रखा था इसलिए उसकी चीख तो नहीं निकली.. पर दर्द की छटपटाहट से उसने मेरे होंठों से अपना मुँह हटा दिया।

फिर मैंने दोबारा उसके होंठों को अपने होंठों से दबा लिया और उसकी जीभ को चूसने लगा इससे उसको थोड़ा आराम मिला।

फिर मैंने लंड पेलना शुरू कर दिया.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… कुछ ही पलों में वो भी साथ देने लगी तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। कुछ मिनट बाद उसका शरीर अकड़ गया और वो झड़ गई।

झड़ते समय उसने मुझे कस कर जकड़ लिया। उसकी चुत के गरम रस से मेरा लंड भी आखिरी मंजिल पर था, मैं भी झड़ने वाला हो चला था।

तभी मेरे दोस्त ने आवाज दी- कोई ऊपर आ रहा है।

हम दोनों जल्दी से कपड़े ठीक करके पहले जैसे हो गए।

मगर पहली बार चुदने के कारण वो पहले जैसी नहीं चल पा रही थी, वो कुछ लंगड़ा-लंगड़ा के चल रही थी।

मैंने भी अपने बिन झड़े लंड को हाथ फेर का समझाया तो लंड ने पेंट में ही पानी छोड़ दिया।
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Wednesday, February 8, 2017

मुझे लंबे लंड हमेशा बहुत अच्छे लगते थे

हैल्लो दोस्तों, मेरा लंड आकार में थोड़ा सा छोटा है इसलिए मुझे शुरू से ही लंबे, मोटे दमदार लंड से लगाव रहा और इसलिए मेरा आदमियों की तरफ झुकाव हमेशा बना रहा है। वैसे मैंने गांड तो कभी किसी से अपनी नहीं मरवाई, लेकिन हाँ में एक बहुत अच्छा लंड सकर ज़रूर बन गया हूँ और लंड शब्द मेरे कान में जाते ही मेरे बदन में करंट दौड़ जाता है। दोस्तों यह सब जो कुछ भी में आज आपको सुनाने जा रहा हूँ |
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मोटा लंड लेने की आदत

हैल्लो दोस्तों, मैंने पिछले कुछ समय में ही मस्ताराम डॉट नेट की बहुत सारी मनोरंजन से भरपूर कहानियों को पढकर उनके मज़े लिए है और आज में आप लोगों को अपनी भी एक सच्ची कहानी वो घटना बताने जा रहा हूँ जिसमे मैंने अपनी पत्नी की बड़ी बहन मतलब की मेरी साली को उसके घर में उसकी मर्जी से चोदा और पूरी रात उसके साथ मैंने बड़े मज़े किए।
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